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जापान में भी बजेगा UPI का डंका! भारतीय टूरिस्टों के लिए खुलेंगे डिजिटल पेमेंट के नए रास्ते

UPI

भारत का स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), जल्द ही जापान में अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए तैयार है। यह खबर उन लाखों भारतीय टूरिस्टों के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है, जो जापान घूमने का प्लान बना रहे हैं।

एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत, UPI को जापान में लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय यात्रियों के लिए खुदरा भुगतान (retail payments) को बेहद सरल बनाना है। अब भारतीय टूरिस्ट, अपने परिचित QR-आधारित सिस्टम का उपयोग करके सीधे अपने भारतीय बैंक खातों से भुगतान कर सकेंगे।

क्यों ज़रूरी है यह वैश्विक विस्तार?

UPI को 2016 में भारत सरकार के समर्थन से शुरू किया गया था और अपनी शुरुआत के बाद से ही इसने देश के डिजिटल भुगतान परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी इंटरऑपरेबिलिटी है—यानी, UPI-सक्षम कोई भी ऐप एक ही QR कोड को स्कैन करके भुगतान कर सकता है।

UPI के इस वैश्विक विस्तार के पीछे सबसे बड़ा कारण है जापान की ओर बढ़ते भारतीय पर्यटकों की संख्या।

भारतीय टूरिस्टों की बढ़ती मांग

पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय पर्यटकों की जापान यात्रा में भारी उछाल आया है। 2025 में 3,15,000 से अधिक भारतीय जापान पहुंचे, जिससे यह देश भारत के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ते आउटबाउंड ट्रैवल सेगमेंट में से एक बन गया है।

यात्रियों की बढ़ती संख्या ने एक कुशल और सस्ते डिजिटल भुगतान विकल्प की मांग बढ़ा दी है। UPI का इस्तेमाल विदेश में करने की अनुमति मिलने से कैशलेस यात्रा को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही पर्यटन तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत-जापान संबंध भी मजबूत होंगे।

तकनीकी साझेदारी और कार्यान्वयन

इस पायलट प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए जापानी आईटी सेवा फर्म NTT Data भारत की नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर काम कर रही है। यह साझेदारी भारतीय और जापानी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने के लिए संभावित तरीकों पर शोध कर रही है।

एक्सपर्ट इनसाइट: वैश्विक मंच पर भारत की डिजिटल धाक

विशेषज्ञ इस कदम को भारत की डिजिटल शक्ति का प्रमाण मान रहे हैं।

प्लूटोस वन के संस्थापक और प्रबंध भागीदार, रोहित महाजन ने कहा कि जापान में UPI सक्षम करने का कदम व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को बदलते उपभोक्ता व्यवहार के अनुरूप बनाता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कई देशों में इस सिस्टम का विस्तार यह दिखाता है कि भारत का भुगतान बुनियादी ढांचा कितना स्केलेबल और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी है।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के अध्यक्ष, रवि गोसाईं ने टिप्पणी की कि यह ट्रायल वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक और सांस्कृतिक छाप को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि दुनिया अब भारतीय डिजिटल समाधानों को अपना रही है।

सुविधाभारतीय यात्रियों के लिए लाभ
तत्काल भुगतानमोबाइल ऐप्स के ज़रिए तुरंत पैसे ट्रांसफर
लागत प्रभावीआमतौर पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भुगतान
परिचित प्रणालीजापान में भी QR-आधारित भुगतान की सुविधा
कैशलेस ट्रैवलनकदी रखने की ज़रूरत कम होगी, यात्रा होगी आसान

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