- नेतृत्व परिवर्तन: Apple के मौजूदा CEO टिम कुक अब अपनी कुर्सी छोड़ रहे हैं।
- नए CEO: जॉन टर्नस (John Ternus) को कंपनी का अगला CEO बनाया गया है।
- शुरुआत की तारीख: जॉन टर्नस 1 सितंबर, 2026 से CEO का पद संभालेंगे।
- कुक की भूमिका: टिम कुक एक्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे और पॉलिसीमेकिंग में भी एक्टिव रहेंगे।

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Apple एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा कर रही है। कंपनी के मौजूदा CEO टिम कुक (Tim Cook) अब अपना पद छोड़ने जा रहे हैं। यह ट्रांजिशन इस साल के अंत तक पूरा होगा और इस दौरान जॉन टर्नस (John Ternus) कंपनी के नए CEO होंगे।
Apple के नए CEO कौन होंगे?
Apple ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि टिम कुक अपने पद का कार्यभार एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में संभालेंगे। वहीं, जॉन टर्नस, जो कि पहले से ही Apple में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं, 1 सितंबर, 2026 से कंपनी के नए CEO होंगे।
कहा जा रहा है कि यह बदलाव कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा सर्वसम्मति से पास किया गया है। यह कदम Apple के इतिहास में सबसे बड़े लीडरशिप बदलावों में से एक माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि कुक ने 2011 में स्टीव जॉब्स के निधन के बाद यह पद संभाला था।
जॉन टर्नस कौन हैं और क्यों हैं ये बेस्ट पिक?
जॉन टर्नस Apple के लिए एक जाने-माने नाम हैं। वह 2001 से कंपनी के प्रोडक्ट डिज़ाइन टीम का हिस्सा रहे हैं। 2013 में उन्हें हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया था, और 2021 में उन्हें एक्जीक्यूटिव टीम का हिस्सा बनाया गया।
टर्नस ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण उत्पादों के हार्डवेयर विकास में अहम भूमिका निभाई है, जिसमें iPhone, Mac, iPad, Apple Watch और AirPods शामिल हैं। उनका अनुभव Apple की हार्डवेयर रोडमैप को आकार देने में बहुत काम आया है। इसलिए, कंपनी का मानना है कि वह भविष्य के लिए सही लीडर हैं।
टिम कुक का योगदान और भविष्य की भूमिका
टिम कुक ने 1998 में Apple जॉइन किया था और 2011 में CEO बने। पिछले 15 सालों में उन्होंने Apple को कंपनी के सबसे ट्रांसफॉर्मेटिव दौर में पहुंचाया है। उनकी लीडरशिप में Apple का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन $350 बिलियन से बढ़कर $4 ट्रिलियन हो गया।
कुक ने Apple Watch, AirPods और Apple Vision Pro जैसे नए प्रोडक्ट्स को लॉन्च कराने में भी मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने Apple के सर्विसेज़ बिज़नेस (जैसे iCloud, Apple Pay, Apple TV+) को भी एक बड़े सेगमेंट में बदलने का काम किया।
इस बड़े बदलाव के साथ, कुक एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर भी सक्रिय रहेंगे। उनका ध्यान खास तौर पर ग्लोबल पॉलिसीमेकर्स के साथ जुड़ाव और कंपनी के विजन पर रहेगा। यह कदम Apple के लिए एक भीतरी स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
क्या इसका मतलब है Apple के लिए कोई बड़ी दिक्कत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नेतृत्व परिवर्तन Apple के लिए ग्रोथ के नए चैप्टर को शुरू करना है। चूंकि जॉन टर्नस का बैकग्राउंड पूरी तरह से हार्डवेयर और इंजीनियरिंग पर है, इसलिए माना जा रहा है कि Apple का फोकस आने वाले समय में हार्डवेयर इनोवेशन और अपने इकोसिस्टम को मजबूत करने पर रहेगा।
कंपनी ने इस ट्रांजिशन को सहज बनाने के लिए कई बोर्ड लेवल बदलाव भी किए हैं, जिनमें आर्थर लेविसन को लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नॉमिनेट किया गया है। यह सभी बदलाव Apple के भविष्य के लिए मजबूत नींव तैयार करते दिख रहे हैं।