- कथित तौर पर: बेस iPhone 18 में स्टैंडर्ड OLED डिस्प्ले के तौर पर Samsung का M12+ मटेरियल इस्तेमाल किया जा सकता है।
- Pro मॉडल का अपग्रेड: जबकि बेस मॉडल पुरानी टेक्नोलॉजी पर रह सकता है, Pro मॉडल में Samsung का नया और बेहतर M16 मटेरियल मिलने की संभावना है।
- असली चिंता: डिस्प्ले की चमक (brightness) से ज़्यादा महत्वपूर्ण है उसकी पावर एफिशिएंसी, जिसके कारण बैटरी लाइफ प्रभावित हो सकती है।
- A20 चिप पर असर: भले ही iPhone 18 में नया A20 (2nm) चिप लगा हो, लेकिन कम एफिशिएंट डिस्प्ले के कारण बैटरी में अपेक्षित सुधार नहीं दिख सकता है।

अगर बाजार में चल रही अफवाहें और रिपोर्ट्स सही हैं, तो बेस iPhone 18 को डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के मामले में शायद एक कदम पीछे लौटना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार एप्पल को अपनी बेस और Pro सीरीज़ के बीच टेक्नोलॉजी गैप को मैनेज करने में थोड़ी चुनौती आ सकती है।
बेस iPhone 18 के लिए संभावित OLED मटेरियल
सप्लाई चेन से मिली लेटेस्ट जानकारी के मुताबिक, स्टैंडर्ड iPhone 18 में Samsung का M12+ OLED मटेरियल इस्तेमाल किया जा सकता है। यह M12 का एक थोड़ा मॉडिफाइड वर्जन है, जिसका इस्तेमाल पहले के डिवाइसेस जैसे कि iPhone 14 Pro और Galaxy S23 Ultra में किया गया था।
इसका मतलब है कि यह डिस्प्ले टेक्नोलॉजी बिल्कुल 'cutting-edge' नहीं मानी जा सकती, और यह बात ही सबसे बड़ी चिंता का विषय है।
Pro मॉडल में मिलेगा अपग्रेडेड डिस्प्ले
हालांकि, अगर हम Pro मॉडल्स की बात करें, तो उम्मीद है कि उन्हें डिस्प्ले के मामले में बड़ा अपग्रेड मिलेगा। माना जा रहा है कि Pro मॉडल में Samsung का नया M16 मटेरियल इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पिछले इस्तेमाल हुए मटेरियल से एक बड़ा और noticeable अंतर है।
यह गैप इसलिए भी मायने रखता है, क्योंकि वर्तमान के iPhones में भी पहले से ही बहुत एडवांस पैनल इस्तेमाल हो रहे हैं, और बेस मॉडल का इस तरह के पुराने मटेरियल पर आ जाना काफी बड़ा बदलाव होगा।
सिर्फ चमक नहीं, एफिशिएंसी है मुख्य मुद्दा
असल बात यह नहीं है कि स्क्रीन पहली नज़र में कितनी अच्छी दिखेगी। नई और लेटेस्ट OLED टेक्नोलॉजी में सबसे बड़ा अंतर उसकी पावर एफिशिएंसी में होता है। आसान भाषा में समझें तो, नया पैनल एक ही ब्राइटनेस लेवल को बनाए रखने के लिए कम बिजली का इस्तेमाल करता है।
पुराने पैनल की तुलना में यह एफिशिएंसी का अंतर काफी ज़्यादा होता है। यही चीज़ बैटरी लाइफ के लिए सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
A20 चिप का परफॉर्मेंस और बैटरी पर क्या होगा असर?
iPhone 18 में अगले साल का A20 चिप आने की उम्मीद है, जो संभवतः 2nm प्रोसेस पर आधारित होगा। यह चिप परफॉर्मेंस और पावर एफिशिएंसी दोनों में सुधार लाएगा। लेकिन, अगर डिस्प्ले खुद पावर एफिशिएंट नहीं हुआ, तो चिप के कारण होने वाले बैटरी के गैन्स का एक बड़ा हिस्सा खत्म हो सकता है।
इसका सीधा मतलब यह हो सकता है कि केवल चिप अपग्रेड होने से आपको उतनी बेहतरीन बैटरी लाइफ का अनुभव नहीं मिल पाएगा, जितनी आप उम्मीद कर रहे हैं।
हालांकि, एप्पल हमेशा बैटरी साइज़ को बड़ा करके इस गैप को मैनेज कर सकता है, लेकिन यह एक समाधान से ज़्यादा एक 'Workaround' साबित हो सकता है।
इस पूरी स्थिति से यह सवाल खड़ा होता है कि एप्पल, बेस और Pro मॉडल्स के बीच टेक्नोलॉजी के अंतर को कितना बढ़ाना चाहता है। क्या यह गैप सिर्फ मार्केटिंग का हिस्सा होगा, या वाकई डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में इतना बड़ा फासला होगा?
फिलहाल, ये सभी दावे सिर्फ अफवाहें और रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। एप्पल की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा होने तक हमें इंतजार करना होगा।